आरती उपासना का एक आवश्यक अंग है, जो माँ सरस्वती के प्रति भक्ति अर्पित करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम है। निम्नलिखित सरस्वती माता आरती ज्ञान एवं विद्या की देवी का आवाहन करने के लिए मंदिरों और घरों में अत्यंत श्रद्धा के साथ गाई जाती है।
॥ जय सरस्वती माता ॥
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण, सुखदाता, मैया जय सरस्वती माता॥
चन्द्रवदनी, पद्मासिनी, दिव्य रूप सुहाता।
ब्रह्माणी, वैष्णवी, देवी जग की माता॥
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण, सुखदाता, मैया जय सरस्वती माता॥
कंचन रंग विराजित, श्वेतांबर धारी।
सुवर्ण सिंहासन, विराजे त्रिपुरारी॥
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण, सुखदाता, मैया जय सरस्वती माता॥
वीणा पुस्तक हाथ में, माला मूर्त सुहाए।
शुभ्र वस्त्र सुशोभित, नयन चंद्र लुभाए॥
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण, सुखदाता, मैया जय सरस्वती माता॥
जग में विद्या फैलाने, नित करों प्रकाश।
पुत्रों में मातृ-भक्ति, दो माँ आशीर्वाद॥
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण, सुखदाता, मैया जय सरस्वती माता॥
माँ सरस्वती को समर्पित भजन विद्या की देवी के प्रति भक्ति और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए गाए जाते हैं। नीचे एक मधुर भजन प्रस्तुत है, जिसे भक्तगण प्रायः श्रद्धापूर्वक गाते हैं:
॥ माता सरस्वती शारदे ॥
माता सरस्वती शारदे,
ज्ञान दो, वरदान दो, माँ वरदान दो॥
वीणा वाली जग में आई,
ज्ञान की ज्योति जलाई॥
दीन दुखियों के मन की,
अंधियारी मिटाई॥
माता सरस्वती शारदे,
ज्ञान दो, वरदान दो, माँ वरदान दो॥
ज्ञान ही जीवन की ज्योति,
ज्ञान ही सुख का सागर॥
ज्ञान बिना जीवन व्यर्थ है,
ज्ञान बिना हम है अधूरे॥
माता सरस्वती शारदे,
ज्ञान दो, वरदान दो, माँ वरदान दो॥
हाथ जोड़ माँ को ध्याएँ,
बुद्धि का वरदान पायें॥
माँ के चरणों में बैठ कर,
शास्त्रों का ज्ञान पायें॥
माता सरस्वती शारदे,
ज्ञान दो, वरदान दो, माँ वरदान दो॥
जो भी माता की शरण में आये,
उसका जीवन संवर जाये॥
माँ के चरणों का जो प्यासा,
उसका भवसागर तर जाये॥
माता सरस्वती शारदे,
ज्ञान दो, वरदान दो, माँ वरदान दो॥
माँ सरस्वती की आरती एवं भजन का गायन हृदय को भक्ति से भर देता है और ज्ञान, विद्या तथा सृजनशीलता के दिव्य आशीर्वाद को आमंत्रित करता है। चाहे मंदिरों में गाए जाएँ या घर में, ये पावन स्तुतियाँ भक्तों को परमात्मा से जोड़ने और उनके आध्यात्मिक एवं बौद्धिक प्रयासों में स्पष्टता प्राप्त करने में सहायक होती हैं। भक्तगण मानते हैं कि श्रद्धापूर्वक माँ सरस्वती की प्रार्थना करने से अज्ञान दूर होता है और बुद्धि, संगीत तथा शैक्षणिक सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।